छत्तीसगढ़ के एनीकट्स में मत्स्य बीज संचयन अभियान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल

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छत्तीसगढ़ शासन के मछली पालन विभाग द्वारा प्रदेश में अंतर्देशीय मत्स्य संसाधनों के समुचित और टिकाऊ उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत प्रदेशभर के नदी तटवर्ती क्षेत्रों एवं एनीकट्स में व्यापक स्तर पर मत्स्य बीज (फिंगरलिंग) का संचयन किया जा रहा है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मछुआ समुदाय की आय में वृद्धि करना, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा आमजन को पोषणयुक्त आहार की सुलभता सुनिश्चित करना है। इस पहल से मत्स्य सहकारी समितियों, स्व-सहायता समूहों एवं मत्स्य कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

जशपुर सहित कई जिलों में हुआ सफल संचयन

इसी क्रम में जशपुर जिले सहित प्रदेश के अन्य जिलों में चयनित एनीकट्स एवं जलाशयों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में मत्स्य बीज का संचयन किया गया।
जशपुर जिले के अंतर्गत निम्न एनीकट्स में यह कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ—

  • किलकिला (विकासखंड पत्थलगांव)
  • मैनी (कांसाबेल)
  • डुमरटोली एवं सुरजुला (मनोरा)
  • कोकिया-तुमला (फरसाबहार)
  • साहीडांड़ (बगीचा)
  • हल्दीमुण्डा (कुनकुरी)

ग्रामीण आजीविका को मिलेगा सशक्त आधार

मछली पालन विभाग के अनुसार, इस कार्यक्रम से जल संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल उपयोग सुनिश्चित होगा। इससे मत्स्य उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।

संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक, मछली पालन के मार्गदर्शन में किया गया।