छत्तीसगढ़ प्रदेश अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों को सहेजते हुए तेज़ी से एक विकसित राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में सम्मिलित हुए। 🚩
मुख्यमंत्री ने यहाँ प्रदेशवासियों को माघ पूर्णिमा की बधाई देते हुए कहा कि यह समागम हर वर्ष और अधिक भव्य होता जा रहा है, जो जनआस्था की गहराई को दर्शाता है। इस पावन अवसर पर उन्होंने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब और पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहेब को चादर व श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया और पूरे प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि की कामना की।
समारोह की मुख्य घोषणाएं
- वित्तीय सहायता में वृद्धि: मुख्यमंत्री ने संत समागम समारोह के लिए दी जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने की घोषणा की।
- नया नामकरण: दामाखेड़ा का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर ‘कबीर धर्मनगर’ करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका राजपत्र (Gazette) में प्रकाशन होगा।
- नए वंशाचार्य का तिलक: इस वर्ष बसंत पंचमी के अवसर पर कबीरपंथ के नए संवाहक, 16वें वंशाचार्य पंथी श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ।
इस वर्ष के मेले में न केवल देश के विभिन्न प्रांतों से, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में कबीरपंथी श्रद्धालु और अनुयायी शामिल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दामाखेड़ा की यह पावन भूमि कबीरपंथियों के साथ-साथ पूरे समाज के लिए शांति और सद्भाव का केंद्र बनी रहेगी।


