नए साल के पहले ही दिन विष्णुदेव साय ने मंत्रालय में सभी विभागों के सचिवों और विभागाध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर शासकीय कामकाज में पारदर्शिता और कसावट लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने पर विशेष बल दिया।
वर्ष 2025 : रजत जयंती वर्ष का विशेष महत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष है, जिसका प्रदेश के लिए विशेष महत्व है। इस अवसर पर सभी अधिकारियों को उत्साह और निष्ठा के साथ कार्य करने की हिदायत दी गई। उन्होंने लंबित फाइलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए तथा मंत्रालय सहित सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने पर जोर दिया।
नियमित समीक्षा और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी की समस्याओं का समय पर समाधान शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागीय सचिवों को निर्देश दिया कि—
- हर महीने वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की जाए।
- प्रत्येक तीन महीने में भौतिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए।
- बड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए।
- आवश्यकतानुसार मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव को अवगत कराया जाए।
ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में निवेश का अनुकूल वातावरण बना है और छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024-2030 की पूरे देश में सराहना हो रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नई औद्योगिक नीति का लाभ निवेशकों तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
कानून व्यवस्था, नक्सल मोर्चा और नियद नेल्ला नार योजना
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि विगत एक वर्ष में नक्सल मोर्चे पर महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में सफलता मिली है और अब शासन की योजनाओं को इन क्षेत्रों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि –
- जिलों के प्रभारी सचिव हर दो महीने में संबंधित जिलों का दौरा करें।
- भ्रमण के दौरान अंदरूनी क्षेत्रों में जाकर जमीनी स्थिति का आकलन करें।
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अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।
नशा तस्करी पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों से नशे की सामग्रियों की तस्करी पर कड़ाई से रोक लगाई जाए। पिछले एक वर्ष में अवैध नशे के कारोबार पर नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने इसमें और तेजी लाने की आवश्यकता जताई।
जिलों में प्रशासनिक कसावट बनाए रखने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

