मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन फाल्गुन महोत्सव में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ती है, सरकार का संकल्प जनजीवन संवारता है।” संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना समाज को सही दिशा देती है और जब शासन व्यवस्था इन मूल्यों से जुड़ती है, तो विकास और संस्कार दोनों साथ-साथ आगे बढ़ते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं —
- आश्रम में विकास कार्य हेतु 11 लाख रुपए स्वीकृत
- मठ आश्रम परिसर में स्थायी डोम निर्माण
- प्रतिवर्ष आयोजन के लिए बजट प्रावधान
- ग्राम नादिया में मिनी स्टेडियम निर्माण
- राजनांदगांव शहर में संत कबीर साहेब के नाम भव्य प्रवेश द्वार निर्माण
उन्होंने बताया कि 202 वर्ष पूर्व पूज्य सद्गुरु सेवा साहब जी ने नादिया में कबीर मठ की स्थापना की थी। हलबा समाज के संत स्वरूप मंतू ठाकुर जी ने अपनी समस्त संपत्ति आश्रम सेवा में अर्पित की। हलबा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है, जिसमें गेंदसिंह जी जैसे महानायक हुए हैं।
छत्तीसगढ़ में कबीर पंथ का प्रभाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सद्गुरु संत कबीर का व्यापक प्रभाव है। उन्होंने अपने बचपन से कबीर पंथ से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए बताया कि कुनकुरी में कबीरपंथ का बड़ा आश्रम है और वे बचपन से ही पंथ की परंपराओं से परिचित रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश का जिला कबीरधाम सद्गुरु के नाम पर है और यहां के लोकजीवन में कबीर की वाणी गहराई से समाहित है।
कृषि, कल्याण और जनहित योजनाएँ
- धान खरीद के 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित
- 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 10 हजार करोड़ से अधिक राशि अंतरित
- महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 15 हजार करोड़ से ज्यादा भुगतान
- 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति पहली कैबिनेट में दी गई। अब तक 8 लाख से अधिक मकान बन चुके हैं।
- आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 पीएम आवास
- पीवीजीटी समुदाय के लिए 32,000 पीएम आवास
तीर्थ दर्शन और सांस्कृतिक पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। 500 वर्ष के संघर्ष के बाद अयोध्या धाम में रामलला की स्थापना के बाद राज्य से श्रीराम लला दर्शन योजना शुरू की गई।
- 42,000 से अधिक लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम दर्शन
- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 5,000 से अधिक लोगों को 19 चिन्हांकित तीर्थस्थलों का भ्रमण
मुख्यमंत्री ने कबीरदास जी के दोहों का उल्लेख करते हुए ‘निंदक नियरे राखिए’ दोहा दोहराया और कहा कि हमें अपनी कमियों को सुनने का साहस रखना चाहिए।

